ईरान के खिलाफ जंग अमेरिका और इजरायल से शुरू की लेकिन इस जंग ने पूरे मिडिल ईस्ट को बर्बाद करना शुरू कर दिया.

ईरान के खिलाफ जंग अमेरिका और इजरायल से शुरू की लेकिन इस जंग ने पूरे मिडिल ईस्ट को बर्बाद करना शुरू कर दिया. जंग को सवा महीना होने वाला है. हालात ऐसे हो गए हैं कि ईरान और इजरायल की लड़ाई में दुबई को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है.
दुबई का प्रॉपर्टी मार्केट क्रैश होने के कगार पर है. दुनियाभर के अमीर अपना इन्वेस्टमेंट दुबई से निकालकर दुनिया के दूसरे हिस्सों में ले जा रहे हैं.

दुबई एक नाम अनेक. सिटी ऑफ गोल्ड कहें या सिटी ऑफ ड्रीम या फिर पर्ल ऑफ गल्फ. मिडिल ईस्ट के सबसे खूबसूरत, महंगे और चमचमाते शहर दुबई की खूबसूरती में कालिक लग गई है. मूल निवासियों से इतर प्रवासियों का मन जंग के इतना लंबा खिंचने की वजह से उचट सा गया है. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान की जंग ने पिछले चालीस दिनों में दुबई की सूरत और सीरत दोनों बदल कर रख दिया है. ईरान के ताबड़तोड़ हमलों ने दुबई को पसंद करने वालों को डरा दिया है.

रियल स्टेट सेक्टर प्रभावित

इस जंग का सबसे बड़ा असर मिडिल ईस्ट में खासकर दुबई के रियल स्टेट पर पड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक-

– दुबई का प्रॉपर्टी बाजार 35 से 45 प्रतिशत तक गिर चुका है.
– इसमें सेंट्रल दुबई का शेख जायेद रोड और बुर्ज खलीफा शामिल हैं.
– साथ ही अल मरजन आयलैंड के कसीनो और टूरिज्म प्लान को भी बड़ा झटका लगा है.
– इसके अलावा दुबई में किराए के मकानों की मांग भी तेजी से घटी है.
– और अब तक करीब 75 हजार से 80 हजार बुकिंग रद्द हो चुकी हैं.

अगर हम दुबई में मौजूद वर्ल्ड फेमस बुर्ज खलीफा की ही बात करें तो यहां सामान्य अपार्टमेंट की कीमत ही 50 से 80 करोड़ के बीच है. अल्ट्रा लग्जरी पेंटहाउस की कीमत तो 400 करोड़ से लेकर 800 करोड़ तक पहुंचती हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि दुबई के प्रॉपर्टी बाजार में भारतीय निवेशकों की गिनती काफी ज्यादा है.

‘निवेशक दुबई से पैसा निकाल रहे’

अब जंग के हालातों में दुबई में बड़े रियल एस्टेट निवेशक धीरे-धीरे अपनी इन्वेस्टमेंट को निकाल रहे हैं. खबरों के मुताबिक कई बड़े सेलिब्रिटी जो दुबई में रह रहे थे, वो भी अब वहां से अपना निवेश हटाकर दूसरे देशों की ओर जा रहे हैं.

दुबई से हटने का मन बना चुके रईस अब साउथ ईस्ट एशिया की तरफ जा रहे हैं.

खास तौर से बैंकॉक और सिंगापुर जैसे शहरों में तेजी से निवेश किया जा रहा है.

भारतीय निवेशक भी बैंकॉक और सिंगापुर के प्रॉपर्टी बाजारों में रुचि दिखा रहे हैं.

क्योंकि इन देशों में 3.5 करोड़ से 4 करोड़ रुपये के बीच अच्छी संपत्ति में निवेश किया जा सकता है.

आज की तारीख में बैंकॉक और सिंगापुर जैसे देशों में पर्यटन उद्योग बहुत मजबूत है. यहां किसी बड़े संघर्ष के हालात भी नहीं हैं. इसलिए निवेशकों को यहां निवेश अधिक सुरक्षित लगने लगा है. इतना ही नहीं दुबई के प्रॉपर्टी बाजार में पैसा लगाने वाले बहुत से भारतीय अब लौटकर दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में भी प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं. यानी दुबई में मचे घमासान ने दुनिया के दूसरे देशों के बाजारों को उभरने का मौका दे दिया है.

More From Author

82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग नत्थीलाल का पानी का 31657 का बिल डीएम ने करवाया माफ; वन टाइम सेटलमेंट उपरान्त रू0 20170 राइफल फंड से जमा

ऐतिहासिक क्षण: 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री करेंगे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का शुभारम्भ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *