मुख्यम्नत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगामी 31 मार्च तक प्रदेश में लॉ़क डाउन घोषित कर दिया है

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देश में कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच उत्तराखंड से बड़ी खबर आयी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूरे प्रदेश में 31 मार्च तक लॉकडाउन का एलान किया है। इस आदेश के बाद राज्य में आवश्यक सेवाओं के अलावा 31 मार्च तक सब बंद रहेगा। इससे पहले राजस्थान और पंजाब भी पूरे प्रदेश में बंदी की घोषणा कर चुके हैं।

केंद्र

लॉकडाउन एक इमर्जेंसी व्यवस्था होती है। अगर किसी क्षेत्र में लॉकडाउन हो जाता है तो उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है। जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है या फिर अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सती है।

क्यों करते हैं लॉकडाउन ?

किसी तरह के खतरे से इंसान और किसी इलाके को बचाने के लिए लॉकडाउन किया जाता है। जैसे कोरोना के संक्रमण को लेकर कई देशों में किया गया है। कोरोनावायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकले। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए कुछ देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है।

किन देशों में है लॉकडाउन ?

चीन, डेनमार्क, अल सलवाडोर, फ्रांस, आयरलैंड, इटली, न्यूजीलैंड, पोलैंड और स्पेन में लॉकडाउन जैसी स्थिति है। चूंकि चीन में ही सबसे पहले कोरोनावायरस संक्रमण का मामला सामने आया था, इसलिए सबसे पहले वहां लॉकडाउन किया गया। इटली में मामला गंभीर होने के बाद वहां के प्रधानमंत्री ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया। उसके बाद स्पेन और फ्रांस ने भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यही कदम उठाया।

कब-कब हुआ लॉकडाउन ?

अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमले के बाद वहां तीन दिन का लॉकडाउन किया गया था। दिसंबर 2005 में न्यू साउथ वेल्स पुलिस फोर्स ने दंगा रोकने के लिए लॉकडाउन किया था। * 19 अप्रैल, 2013 को बोस्टन शहर को आतंकियों की खोज के लिए लॉकडाउन कर दिया गया था। * नवंबर 2015 में पैरिस हमले के बाद संदिग्धों को पकड़ने के लिए साल 2015 में ब्रुसेल्स में पूरे शहर को लॉकडाउन किया गया था।

देहरादून : जनता कर्फ्यू की सफलता के बीच केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को लॉक डाउन करने की घोषणा की है। इस दौरान जरुरी सामग्री की सप्लाई जारी रहेगी। वहीं सभी तरह की परिवहन सेवाएं भी पूरी तरह से बंद रहेगीं।

प्रदेश सरकार ने लोगों को सलाह दी है इस दौरान जो जहाँ हैं वहीँ रहें। वहीं इससे पहले देश के 75 जिलों को इस तरह लॉक डाउन किये जाने की जानकारी दिल्ली से मिल रही थी । केंद्र ने राज्यों को सलाह दी है कि इन 75 जिलों को लॉक डाउन किया जाए। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के मुख्यसचिव सहित डीजीपी और पुलिस विभाग और शासन के अन्य अधिकारियों की आपात बैठक की है। जिसके बाद मुख्यम्नत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगामी 31 मार्च तक प्रदेश में लॉ़क डाउन घोषित कर दिया है। पुलिस विभाग और अन्य अधिकारियों की आपात बैठक कर उन्होंने ये फैसला लिया। उनका कहना है कि आपात सेवाएं और खाद्य आपूर्ति सुचारू रहेंगी।

संमपुण भारत के राज्यों के 75 जिलों को लॉक डाउन किया

 

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