मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने अनुरोध किया कि आगामी 20 जुलाई को सोमवती अमावस्या के दिन कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण हरिद्वार में मां गंगा में स्नान करने के बजाय हम सब घर पर ही मां गंगा का स्मरण करके पवित्र भावों से स्नान करें

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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने अनुरोध किया कि आगामी 20 जुलाई को सोमवती अमावस्या के दिन कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण हरिद्वार में मां गंगा में स्नान करने के बजाय हम सब घर पर ही मां गंगा का स्मरण करके पवित्र भावों से स्नान करें

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवती अमावस्या की शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के नाते हर त्योहार का यहां अपना एक अलग महत्व है। सावन हरियाली एवं उत्साह का महीना माना जाता है, इसलिए इस महीने की अमावस्या का अपना विशेष महत्व है। आईये इस पर्व के अवसर पर हम सब मिलकर प्रार्थना करें कि जल्द ही परिस्थितियां पहले की तरह सामान्य हो जाएं।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस वर्ष कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते हर त्योहार को मनाने का तरीका एवं उसका स्वरूप परिस्थितियों के अनुसार हमने परिवर्तित किया है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने अनुरोध किया कि आगामी 20 जुलाई को सोमवती अमावस्या के दिन कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण हरिद्वार में मां गंगा में स्नान करने के बजाय हम सब घर पर ही मां गंगा का स्मरण करके पवित्र भावों से स्नान करें ताकि इस महामारी के काल में आप सब उत्तराखण्ड सरकार को सहयोग कर सकें।
उत्तराखंड में लगातार बढ़ते कोरोना वायरस के  मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले कावड़ यात्रा और अब हरिद्वार में सोमवती अमावस्या पर होने वाले गंगा स्नान पर रोक लगा दी है. इसके लिए पुलिस ने राज्य के सभी बॉर्डर सील कर दिए हैं. सोमवती अमावस्या के दिन राज्य में हर साल गंगा स्नान (Ganges Bath) के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं हरिद्वार पहुंचते थे. लेकिन कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप से राज्य सरकार ने गंगा स्नान पर पाबंदी लगा दी है. वहीं, स्नान के अतिरिक्त अस्थि विसर्जन और कर्मकांड पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. इसके लिए पुलिस ने उत्तराखंड की सभी सीमाओं को भी सील कर दिया है.बिना अनुमति के दूसरे राज्यों से हरिद्वार पहुंचने वाले यात्रियो को निजी खर्चे पर 14 दिन के लिए इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन भी किया जाएगा. स्थानीय लोगों के लिए भी हरिद्वार के समस्त घाटों पर प्रवेश बंद कर दिया गया है. अनाधिकृत प्रवेश पर यात्रियों और स्थानीय लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का मानना है कि गंगा स्नान के लिए लाखों लोग पहुंचते हैं जिसमें कोरोना संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा बना होता है. इस दौरान सोशियल डिस्टेंस मेंटेन करवा पाना बड़ी चुनोती है. ऐसे में यह निर्णय किया गया है.
महानिदेशक अशोक कुमार ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि मनुष्य की जान से बढ़कर कोई महत्वपूर्ण काम नहीं है. ऐसे में सभी श्रद्धालु सार्वजनिक कार्यक्रमों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों पर जाने से बचें.
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने लेह-लद्दाख सीमा पर अपना फर्ज निभाते हुए शहीद हुए गौरीकला, किच्छा  निवासी 24 वर्षीय जवान करन देव उर्फ देव बहादुर, 6ध्1 (गोरखा रेजिमेंट) की शहादत  को  नमन करते हुए ईश्वर से शहीद के परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा शहीद के परिजनों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर पिछले दिनों में कोविड-19 के दृष्टिगत सर्विलांस और सेम्पलिंग में काफी बढोतरी हुई है। राज्य के सभी जनपदों में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से घर -घर जाकर सर्विलांस किया जा रहा है। पता लगाया जा रहा है कि किसी में कोरोना के लक्षण तो नहीं हैं। विशेष रूप से सीनियर सीटीजन और गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों की जानकारी रखी जा रही है। अधिकांश जिलों में सर्विलांस के 2 या 2 से ज्यादा राउंड हो चुके हैं। उत्तरकाशी में 4, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, अल्मोडा, चमोली व टिहरी में 3-3, बागेश्वर, चम्पावत, पौङी व ऊधमसिंह नगर में 2-2 और पिथौरागढ़, देहरादून व हरिद्वार में 1-1 राउंड सर्विलांस का किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को आगे भी लगातार करते रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूरी गम्भीरता से सर्विलांस करने और इससे प्राप्त जानकारियों के आधार पर जरूरी कदम उठाने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने सेम्पलिंग और टेस्टिंग को भी बढाने के निर्देश दिये हैं। राज्य में सेम्पलिंग में लगातार वृद्धि हो रही है। इस सप्ताह  औसतन 2487 सेम्पल प्रतिदिन लिए गए जबकि पिछले सप्ताह यह औसत 1660 प्रतिदिन था।  प्रति मिलियन जनसंख्या पर सेम्पलिंग का औसत बढ़कर 9981 हो गया है जो कि राष्ट्रीय औसत से कुछ ही कम है। एक सप्ताह में इसके राष्ट्रीय औसत से ऊपर जाने की पूरी संभावना है। चम्पावत, देहरादून, नैनीताल, पौङी और रुद्रप्रयाग में सेम्पलिंग, राष्ट्रीय औसत से अधिक है। टेस्टिंग और सेम्पलिंग को बढाने के लिए जिलाधिकारियों को प्राईवेट लेब का भी उपयोग करने को कहा गया है। जिलों में ट्रूनाट मशीनें और एंटीजन टेस्टिंग किट भी उपलब्ध करवाई गई हैं। राज्य में वर्तमान में 342 डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर हैं जिनमें 23436 बेड की क्षमता है। इनमें से 22762 अभी खाली हैं। कोविड फेसिलिटी में आईसीयू बेड 338, वेंटिलेटर 243 और ऑक्सीजन सपोर्ट बेड 1197 हैं। इनकी संख्या में भी लगातार वृद्धि की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में पाजिटिव मामलों में वृद्धि देखी गई है। परंतु स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। सर्विलांस और टेस्टिंग व सेम्पलिंग पर फोकस किया जा रहा है। सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को

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