निराश्रित गोवंश ग्रामीण अथवा शहरी क्षेत्र में घूमता हुआ न पाया जाए तथा सूचना मिलने पर उसको आश्रय स्थल पहंुचाते हुए उसके चारा-पानी आदि की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए-जिलाधिकारी

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*कोई भी निराश्रित गोवंश ग्रामीण अथवा शहरी क्षेत्र में घूमता हुआ न पाया जाए तथा सूचना मिलने पर उसको आश्रय स्थल पहंुचाते हुए उसके चारा-पानी आदि की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए-जिलाधिकारी रमाकांत पांडे*
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*BIJNOR-27, MAY, 2020*

जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय ने विकास भवन के सभागार में आयोजित गोवंश संरक्षण तथा आश्रय स्थल से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी खण्ड विकास अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को स्पष्ट निर्देश दिए कि ब्लाॅक जिस विकास खण्ड में निरो़िश्रत गोवंश पाया जाए, उसकी ब्लाॅक में गोवंश को आश्रय प्रदान कराया जाए इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में निराश्रित गोवंश को संबंधित नगर क्षेत्र में समुचित चारा, पानी के साथ उचित आश्रय स्थल प्रदान कराना संबंधित अधिशासी अधिकारी का दायित्व होगा। उन्होनंे सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि छाछड़ी मोड़ स्थित गोवंश आश्रय स्थल में 230 गांवंशों की केपिसिटी के सापेक्ष लगभग 450 गोवंश मौजूद हैं, इसलिए उक्त आश्रय स्थल में और अधिक गोवंश को नहीं रखा जा सकता। उन्होनंे उक्त सम्बन्ध में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कोई भी निराश्रित गोवंश ग्रामीण अथवा शहरी क्षेत्र में घूमता हुआ न पाया जाए तथा सूचना मिलने पर उसको आश्रय स्थल पहंुचाते हुए उसके चारा-पानी आदि की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकरी कामता प्रसाद सिंह, संयुक्त निदेश स्वास्थ्य डा0 अनिल कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए आर के श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 भूपेन्द्र कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

*M.ALI INFORMATION DEPTT. BIJNOR*

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