धरने पर बैठी ममता, सीआरपीएफ ने कब्जे में लिया सीबीआई दफ्तर

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कोलकाता: पश्चिमी बंगाल में सियासी ड्रामा जारी है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठ गयी है तो वहीं दूसरी ओर सीबीआई के उन 5 अधिकारियों को रिहा कर दिया गया है जो शाम पुलिस कोलकाता पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किये गये थे। यहीं नहीं पुलिस से मुकाबला करने के लिए सीआरपीएफ की टीम भी सीबीआई दफ्तर के बाहर पहुंच गयी है और दफ्तर को अपने कब्ज़े में ले लिया है। ममता बनर्जी के साथ धरने पर पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार भी बैठे हैं और तृणमूल कांग्रेस के द्वारा लगातार ये संदेश जारी हो रहा है कि ये धरना संविधान को बचाने के लिए है।

वहीं सीबीआई के अंतरिम चीफ नागेश्वर राव ने एएनआई न्यूज ऐजेंसी को बताया है कि उन्होंने यानि राजीव कुमार ने सभी सबूतों और दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। वे सभी दस्तावेजों को सौंपने में हमारा सहयोग नहीं कर रहे हैं और बहुत सारे सबूत नष्ट हो गए हैं या गायब हो गए हैं।

आजाद भारत के इतिहास में पहली बार इस तरह का सियासी ड्रामा देखा जा रहा है। जब केंद्र और राज्य सरकार इस तरह आमने-सामने आयी हो। इससे पहले पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज सीबीआई के रवैये से आहत हो गयी हूं। ये सीबीआई और सभी जांच ऐजेंसी नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अजीत डोभाल के इशारों पर कार्य कर रही है। उन्होंने जान बूझकर निशाना बनाया जा रहा है। भाजपा उनकी रैली के बाद बौखला गयी है और पश्चिमी बंगाल में माहौल बिगाड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल वो बजट पास ना करके संविधान बचाने के लिए धरने पर बैठेगी। उनका ये धरना मेट्रो स्टेशन के बाहर होगा। उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल से भी बुरे हाल है और सभी देशवासी नरेंद्र मोदी से परेशान हो चुके हैं।
इससे पहले चिटफंड स्कैम की जांच के चलते सीबीआई के अधिकारियों ने कोलकाता में पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ की और उसके बाद सीबीआई के 5 अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। फिर पुलिस के द्वारा ही कोलकाता के दोनों सीबीआई के कार्यालयों का घेराव किया गया।

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