डा. सलीम की गाभिन गाय व श्री नागेष्वर यादव की दुधारू गाय रहीं सर्वोत्तम पशु

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गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विष्वविद्यालय
पंतनगर, जिला- ऊधमसिंह नगर (उत्तराखण्ड)
*डा. सलीम की गाभिन गाय व श्री नागेष्वर यादव की दुधारू गाय रहीं सर्वोत्तम पशु*
पंतनगर।  मार्च 2020। पंतनगर विश्वविद्यालय में चल रहे चार-दिवसीय किसान मेले के तीसरे दिन आज पशुचिकित्सा एवं पशुपालन विज्ञान महाविद्यालय के प्रांगण में पशु-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें पशुपालकों ने अपने पशुओं का 8 वर्गों में प्रदर्शन किया। इस पशु-प्रदर्शनी में डा. सलीम पुत्र श्री भूरे, किच्छा, की गाभिन गाय एवं श्री नागेष्वर यादव पुत्र श्री लच्छन यादव की दुधारू गाय को सर्वोत्तम पशु घोषित किया गया, जिसे कुलपति, डा. तेज प्रताप, ने रिबन बांधकर सुषोभित किया। इस पशु-प्रदर्शनी में कुल 36 पशु सम्मिलित हुए।
इस प्रदर्षनी में बछिया वर्ग में श्री सुमित प्रसाद की बछिया, गाभिन बछिया वर्ग में रविन्द्र की गाभिन बछिया, गाभिन गाय वर्ग में डा. सलीम की गाय, दुधारू गाय वर्ग में श्री अनिकेत की गाय, गो-वत्स वर्ग में श्री हरेन्द्र यादव का गो-वत्स, प्रथम स्थान पर रहे। दुधारू जर्सी गाय वर्ग में मुमताज अली की गाय, गाभिन जर्सी गाय वर्ग में धर्मेन्द्र यादव की गाय तथा कटरा वर्ग में संजीव कुमार शर्मा का कटरा द्वितीय स्थान पर रहे। इन वर्गों में प्रथम स्थान पर कोई पशु नहीं रहा। इस पषु-प्रदर्षनी के संयोजक, अधिष्ठाता पशुचिकित्सा, डा. एन.एस. जादों, एवं सह-संयोजक, डा. अवधेष कुमार, थे। निर्णायक मण्डल में डा. डी.वी. सिंह, डा. डी. कुमार, डा. एस.के. सिंह तथा डा. षिव प्रसाद, थे। इस कार्यक्रम के आयोजन में डा. आर.के. शर्मा, श्री पंजक सिंह, श्री शषांक माण्डलीक एवं श्री राजेष कुमार ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
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*पंतनगर किसान मेले में विष्वविद्यालय के बीजों की बिक्री जारी*
पंतनगर विश्वविद्यालय में चल रहे किसान मेले में आज तीसरे दिन भी किसानों द्वारा विभिन्न खरीफ फसलों के बीजों की खरीद जारी रही। किसानों द्वारा मेले में विष्वविद्यालय के बीज उत्पादन केन्द्र, फसल अनुसंधान केन्द्र एवं विष्वविद्यालय फार्म के स्टालों से तीसरे दिन की दोपहर तक लगभग 20.00 लाख रूपये के विभिन्न खरीफ फसलों के बीजों की खरीद की गयी। इसके अतिरिक्त उद्यान अनुसंधान केन्द्र, सब्जी अनुसंधान केन्द्र, कृषि वानिकी अनुसंधान केन्द्र, औषधीय व सगंध पौध अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, आदर्ष पुष्प उत्पादन केन्द्र तथा एटिक के स्टालों से लगभग 4.00 लाख रूपये के बीज व पौधों की बिक्री की गई। साथ ही एटिक व प्रकाषन निदेषालय के स्टालों से लगभग 57.00 हजार रूपये के प्रकाषनों की बिक्री की गई।
मेले में आज गांधी हाल में आयोजित विशेष व्याख्यान माला के अंतर्गत ‘बीज उत्पादन’ विषय पर डा. पी.एस. शुक्ला एवं श्री हरमन्दर सिंह सिधू, द्वारा व्याख्यान दिया गया। अपराह्न 3.30 बजे से गांधी हाल में आयोजित किसान गोष्ठी में वैज्ञानिकों द्वारा किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया। मेले में आज किसानों को विभिन्न शोध केन्द्रों का भ्रमण एवं अवलोकन कराया गया। रात्रि में गांधी हाल में किसानों हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम के अन्तर्गत कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ।
*किसान मेले का समापन समारोह कल*
पंतनगर में चल रहे किसान मेले का कल (आज) अन्तिम दिन है। मेले का समापन समारोह अपराह्न 3ः00 बजे से गांधी हाल में आयोजित होगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रगतिषील कृषक, श्री निर्मल सिंह तोमर होंगे, जो देहरादून जनपद के जौनसार-बावर क्षेत्र के थैना खत के पंचगाव के निवासी हैं। श्री निर्मल सिंह तोमर को नवोन्मेषी किसान पुरस्कार 2020 से भी सम्मानित किया जा चुका है। श्री तोमर कास्तकार एवं बागवान हैं। इस समारोह में किसान मेले में चार दिनों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं यथा शाक-भाजी, फल-फूल एवं परिरक्षित पदार्थ प्रदर्षनी तथा पषु प्रदर्षनी एवं प्रतियोगिता में विभिन्न स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। साथ ही मेले में लगाये गये विभिन्न वर्गों के स्टाॅलों को भी उनके प्रदर्षन व बिक्री के आधार पर पुरस्कृत किया जायेगा।

*किसान मेले को और बेहतर बनाने हेतु प्रषासनिक अधिकारी एवं स्टाल धारकों की बैठक*
पंतनगर विश्वविद्यालय में चल रहे चार-दिवसीय किसान मेले में एक नयी पहल करते हुए निदेषक प्रसार षिक्षा डा. अनिल कुमार शर्मा द्वारा स्टाल धारकों के साथ किसान मेले को और अधिक बेहतर बनाने हेतु सुझाव आमंत्रित करने के लिए एक बैठक का आयोजन कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय के सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त निदेषक प्रषासन एवं अनुश्रवण डा. प्रकाष भट्ट भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान स्टाल धारकों ने मेले को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देते हुए कहा कि मेले में एक प्रकार के स्टाल एक ही साथ लगाये जाने चाहिए, ताकि किसानों को सभी स्टालों से जानकारी लेने में आसानी हो। इसके अलावा बरसात से बचने के लिए वर्षा अवरोधी स्टाल लगाने का सुझाव दिया गया, ताकि प्रदर्षित मषीनरी, सामान इत्यादि को खराब होने से बचाया जा सके। चल रहे मेले में अगले मेले की तिथियों की जानकारी भी स्टाल धारकों व किसानों को दी जानी चाहिए, ताकि ये लोग अगले मेले में आने की तैयारी कर सकें। मेले के दौरान पीने का पानी, शौचालय और बिजली की सुविधा के साथ सुरक्षा की सुविधा भी अच्छे स्तर की उपलब्ध कराये जाने का सुझाव भी दिया गया। अन्य स्टाल धारकों ने सुझाव दिया कि मेले के दौरान तेज आवाज के सिस्टम का उपयोग बंद होना चाहिए, ताकि किसानों को जानकारियां देने में आसानी हो सके। कुछ स्टाल धारकों ने जैविक खेती, खाद, रसायन, इत्यादि के प्रदर्षन विष्वविद्यालय के साथ मिलकर लगाये जाने की बात कही। डा. शर्मा ने इन सभी सुझावों का स्वागत किया और बताया कि आने वाले किसान मेलों में बताये गये सुझावों पर अमल कर मेले को और सुविधाजनक बनाया जायेगा साथ ही उन्होंने किसान मेले की जानकारी के लिए प्रचार-प्रसार के टीवी चैनल, सामाचार पत्र, फोन, सोषल मीडिया इत्यादि का अधिक उपयोग करने की बात भी कही। इसके अतिरिक्त वर्षा अवरोधी स्टाल लगाने की सुविधा देने का आष्वासन भी दिया।
इस बैठक में विष्वविद्यालय के किसान मेले से संबंधित विभिन्न प्रसार अधिकारी एवं स्टाल धारक उपस्थित थे।
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*पुष्प उत्पादन पर प्रषिक्षण सम्पन्न*
पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रसार षिक्षा निदेषालय की प्रषिक्षण इकाई द्वारा ‘पुष्प उत्पादन‘ विषय पर हिमाचल प्रदेष के प्रगतिषील कृषकों का हिमालय पुष्प क्रान्ति योजनान्तर्गत पांच दिवसीय प्रषिक्षण कार्यक्रम 01 से 05 मार्च तक आयोजित किया गया।
आज प्रषिक्षण के समापन के अवसर पर निदेषक प्रसार षिक्षा, डा. अनिल कुमार षर्मा, ने कहा कि कृषक अपनी आय को दुगना तभी कर सकते हैं जब वह कृषि के साथ मुर्गी पालन, पषुपालन, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन एवं बैमोसमी सब्जी उत्पादन इत्यादि को अपनायें। डा. षर्मा ने कहा कि व्यवसायिक पुष्प उत्पादन की हिमाचल प्रदेष के पर्वतीय क्षेत्रों में बहुत अधिक सम्भावनायें हैं। व्यासयिक पुष्प जैसे लिलियम, गैंदा, जरबेरा एवं ग्लौडियोलस का उत्पादन वर्ष भर कर अधिक लाभ कमाया जा सकता है। प्रभारी प्रषिक्षण डा. एस.के. बंसल ने कहा कि बैमौसमी पुष्प उत्पादन कर कृषक अधिक लाभ कमा सकते हैं। सिरमौर, हिमाचल प्रदेष से आये उद्यान विकास अधिकारी डा. रितेष षर्मा ने बताया कि प्रषिक्षणार्थियों के लिए यह कार्यक्रम बहुत उपयोगी रहा। उन्होंने कहा कि ‘पुष्प उत्पादन‘ के साथ-साथ किसानों को किसान मेले से भी भरपूर जानकारी प्राप्त हुई। प्रषिक्षण के दौरान व्यवसायिक पुष्प उत्पादन का महत्व; जरबेरा, गुलदाउदी, लिलियम, चमेली, एवं रजनीगंधा की वैज्ञानिक खेती; पुष्प तुड़ाई के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां; कीट नियंत्रण; फूलों में लगने वाले रोग की रोकथाम इत्यादि महत्वपूर्ण विषयों पर डा. रंजन श्रीवास्तव, डा. संतोष कुमार, डा. अजीत कुमार, डा. वी.के. राव, डा. सतीष चंद्र षर्मा, डा. प्रमोद मल्ल एवं डा. के.पी.एस. कुषवाहा द्वारा व्याख्यान दिये गये साथ ही प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया गया। प्रषिक्षण में सिरमौर हिमाचल प्रदेष़ के 19 कृषकों ने प्रतिभाग किया। प्रषिक्षण का संचालन डा. मोहन सिंह एवं श्रीमती डी. षर्मा ने किया।
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