कमलेश तिवारी हत्याकांड: आधार कार्ड पर फोटो बदल कर ‘रोहित सोलंकी’ बना था अशफाक

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हिंदू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष  कमलेश तिवारी की हत्या (Kamlesh Tiwari Murder) के मामले में मंगलवार को गुजरात एटीएस (Gujarat ATS) की टीम ने फरार दो आरोपियों को गुजरात-राजस्थान बॉर्डर से गिरफ्ता

लखनऊ. हिंदू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या (Kamlesh Tiwari Murder) के मामले में मंगलवार को गुजरात एटीएस (Gujarat ATS) की टीम ने फरार दो आरोपियों को गुजरात-राजस्थान बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के नाम अशफाक और मोइनुद्दीन हैं. इनमें से अशफाक के बारे में यह खुलासा हुआ है कि आखिर कैसे उसे कमलेश की हिंदू समाज पार्टी ज्वॉइन की थी. अशफाक शेख ने हिंदू समाज पार्टी (एचएसपी) में शामिल होने के लिए अपने एक सहयोगी के आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल करके उसकी पहचान हासिल की.

शेख ने कथित तौर पर अपने सहयोगी रोहित सोलंकी के आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगा दी. उसने आधार कार्ड पर जन्म तिथि को भी बदल दिया. सोलंकी ने पत्रकारों को बताया कि उसे हत्या मामले में उसका नाम आने से पहले शेख के कृत्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

क्या कहा रोहित सोलंकी ने

उन्होंने कहा, ‘मैं एक फार्मा कंपनी के लिए एक मेडिकल रिप्रजेंटेटिव के रूप में काम करता था और अशफाक शेख मेरे वरिष्ठ थे. क्योंकि वह क्षेत्रीय प्रबंधक थे, इसलिए मैंने उन्हें कंपनी की नीति के अनुसार औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अपने आधार कार्ड की एक प्रति सौंपी. अब मुझे पता चला कि मेरी पहचान हासिल करने के लिए उसने आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया.’

सोलंकी ने कहा, ‘अशफाक ने आधार कार्ड पर मेरी फोटो बदल दी. उसने जन्म तिथि भी बदल दी, लेकिन अन्य जानकारियां जैसे नाम और विशिष्ट पहचान संख्या में छेड़छाड़ नहीं की.’ उन्होंने कहा कि उन्हें पिछले 18 महीनों में कभी शेख का व्यवहार संदिग्ध नहीं लगा. सोलंकी ने कहा, ‘यह जानकर वास्तव में बहुत हैरानी हुई कि वह अपराध में शामिल है और उसने मेरे आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया.’ उन्होंने कहा कि वह शेख के खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दर्ज करायेगा

जून में एचएसपी में शामिल हुआ था अशफाक

शेख उर्फ सोलंकी को एचएसपी में गुजरात इकाई के अध्यक्ष जयमीन दवे द्वारा शामिल किया गया था. दवे ने कहा कि उन्हें शेख की वास्तविक पहचान के बारे में जानकारी नहीं थी क्योंकि जो आधार कार्ड सौंपा गया था, उसमें उसने अपनी सोलंकी के रूप में बताई थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के साथ शेख की जाली पहचान की जानकारियों को साझा किया है. शेख इस वर्ष जून में एचएसपी में शामिल हुआ था और उसे सूरत शहर में वराछा वार्ड के लिए पार्टी के आईटी प्रकोष्ठ में ‘प्रचारक’ नियुक्त किया गया था.

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