कमलेश तिवारी के बेटे ने कहा, जो लोग पकड़े गए हैं अगर उनके खिलाफ कोई सबूत हैं तो जांच NIA करे, मुझे इस प्रशासन पर विश्वास नहीं

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हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या में हुई गिरफ्तारी पर उनके बेटे सत्यम तिवारी ने कहा है कि उन्हें नहीं पता है कि जो लोग पकड़े गए हैं उन्हीं लोगों ने पिता को मारा है या निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है. मृतक के बेटे ने कहा कि अगर यही लोग असली दोषी हैं और इनके खिलाफ कोई वीडियो सबूत है तो इसकी जांच एनआईए (NIA) को करनी चाहिए.  सत्यम ने आगे कहा कि अगर उनकी जांच में यह साबित हो जाता है तभी वह लोग संतुष्ट होंगे. उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे इस प्रशासन पर कोई विश्वास नहीं है’. वहीं लखनऊ डिविजन के कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने कमलेश तिवारी के परिवारजनों से मिलकर उनको दिलासा दिलाई है कि उनको सुरक्षा दी जाएगी और सीएम योगी आदित्यनाथ से जल्द ही मुलाकात कराने का समय तय किया जा रहा है. साथ ही एक आवास,नौकरी की भी सिफारिश कर दी गई है. उन्होंने बताया कि बड़े बेटे को आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार दिया जाएगा.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने शनिवार की सुबह संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस वारदात में दो और आरोपी शामिल हैं, जिनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. उन्होंने बताया कि तिवारी के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में उप्र के बिजनौर निवासी अनवारूल हक और नईम काजमी के नाम हैं तथा उन्हें भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. सिंह ने कहा कि सूचनाएं और सुराग मिलने के बाद शुक्रवार को ही छोटी-छोटी टीमें गठित की गई थी. जांच में इस मामले के तार गुजरात से जुड़े होने का संकेत मिला.  उन्होंने बताया ‘सुरागों के आधार पर मैंने गुजरात के डीजीपी से बात की.’ सिंह ने बताया कि लखनऊ के एसएसपी और स्थानीय पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले.  पुलिस और गुजरात पुलिस की संयुक्त टीम ने सूरत से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. उन्होंने बताया कि पकड़े गए तीन संदिग्धों के नाम मौलाना मोहसिन शेख सलीम (24), फैजान (30) और खुर्शीद अहमद पठान (30) हैं. तीनों सूरत के रहने वाले हैं.

सिंह ने बताया कि मौलाना अनवारुल हक और मुफ्ती नईम काजमी को शुक्रवार रात हिरासत में लिया गया. डीजीपी सिंह ने बताया कि दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया था और उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया. इनमें से एक राशिद का भाई और दूसरा गौरव तिवारी है. उन्होंने बताया कि गौरव ने कमलेश को कुछ दिन पहले फोन कर सूरत समेत अन्य जगहों पर भारत हिंदू समाज के लिए काम करने की इच्छा जताई थी.

सिंह ने बताया कि अब तक इस हत्याकांड का आतंकवाद से संबंध होने का संकेत नहीं मिला है. प्रारंभिक पूछताछ से लगता है कि 2015 में कमलेश तिवारी द्वारा दिया गया एक भाषण उनकी हत्या की वजह हो सकता है.  गौरतलब है कि राजधानी लखनऊ के घनी आबादी वाले नाका हिंडोला इलाके में शुक्रवार को हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की दिनदहाडे़ हत्या कर दी गयी. पुलिस के अनुसार, कमलेश तिवारी नाका हिंडोला कि खुर्शेदबाग स्थित अपने घर में खून से लथपथ पाए गए. उन्होंने बताया कि दो लोग उनसे मिलने आए थे. इस दौरान कमलेश ने अपने एक साथी को उन दोनों के लिए पान लाने भेजा था. जब वह लौटकर आया तो उसने कमलेश को खून से लथपथ हालत में पाया. कमलेश पूर्व में हिंदू महासभा से भी जुड़े थे.

 

अखिल भारत हिन्दू महासभा के खुद को अध्यक्ष बताने वाले ‘कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari)  की उनके घर में ही शुक्रवार को हत्या कर दी गई है. इस घटना को अंजाम देने वाले तीन संदिग्धों को CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है. घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक सुबह दो लोग कमलेश तिवारी से मिलने आए थे. जिन्हें तिवारी ने भीतर बुलाया. फिर अपने साथी से कहा कि सिगरेट लेकर आएं. जब वह लौटा तो कमलेश तिवारी की हत्या हो चुकी थी. घर से एक पिस्तौल बरामद हुआ है. अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. आपको बता दें कि कमलेश तिवारी का संबंध कई तरह के विवादों से रहा है लेकिन पुलिस का कहना है कि आपसी रंज़िश में उनकी हत्या हुई है. ये लोग दिवाली की मिठाई देने के बहाने आए थे. डिब्बे में हथियार थे. पुलिस ने हत्यारों को पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन किया है औ दस टीमें बनाईं हैं.

 

लखनऊ। हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है। कमलेश की मां बीजेपी नेता पर साजिश रचने का आरोप लगा रही हैं। उधर, इस मामले में गुजरात कनेक्शन मिला है, जिसके आधार पर तीन संदिग्धों को लखनऊ पुलिस ने गुजरात पुलिस की मदद से हिरासत में लिया है।

Kamlesh Tiwari Murder :
कमलेश तिवारी की मां का कहना है कि, महमूदाबाद में स्थित राम जानकी मंदिर की मुकदमेंबाजी इस घटना की वजह हो सकती है। उनका कहना है कि शिव कुमार गुप्ता नाम के एक स्थानीय बीजेपी नेता से कमलेश की रंजिश थी। दोनों लोगों में नहीं बनती थी। उधर, कमलेश तिवारी के परिजनों ने परिवार के दो सदस्यों के लिए नौकरी की मांग की है।

साथ ही यह भी कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद नहीं आएंगे, वे दाह संस्कार नहीं करेंगे। मृतक कमलेश तिवारी की पत्नी ने कहा है कि हमारी मांग नहीं मानी गई तो मैं आत्मदाह कर लूंगी। वहीं, इस हत्याकांड को लेकर डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि, 24 घंटे के अंदर वारदात का खुलासा कर दिया गया है। तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।

 

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