उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार 2022 में फिर से सत्ता पर काबिज होगी 2017 के विधानसभा चुनाव में 57 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था

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2022 में बीजेपी सरकार त्रिवेंद्र का विकास बनाएगा आधार: उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार 2022 में फिर से सत्ता पर काबिज होगी 2017 के विधानसभा चुनाव में 57 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था 2022 के विधानसभा चुनाव में इससे अधिक सीटें लेकर भारतीय जनता पार्टी सत्ता में फिर से वापस लौटेगी यह बातें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुएउन्होंने कहा उत्तराखंड में जीरो टॉलरेंस की सरकार के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में सरकार बेहतर काम कर रही है यही नहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के विकास कार्यों के साथ-साथ उत्तराखंड में भी सहभागिता निभा रहे हैं इस बात का आकलन इसी से हो जाता है कि भारतीय जनता पार्टी के मंडल सम्मेलन में आवश्यकता से अधिक कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही कार्यकर्ताओं में बेहद अधिक उत्साह भारतीय जनता पार्टी की 2022 में सरकार वापसी को लेकर नजर आता

ऐसे में वह मानते हैं कि उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार 2022 के विधानसभा चुनाव में 57 सीटों से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में फिर से वापसी करेगी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से 6 महीने पहले भाजपा के सिटिंग विधायकों को टिकट दिए जाने के मामले में एक सर्वे करवाया जाएगा जनता के बीच पसंदीदा और काम के प्रति समर्पित लोगों को ही भारतीय जनता पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारेगी।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के विकास कार्यों की जमकर तारीफ की उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्र्व में उत्तराखंड सरकार उत्तराखंड में विकास को गति दे रही है बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने लोहाघाट के बीजेपी विधायक को नोटिस दिए जाने के मामले पर बोलते हुए कहा कि 2 सांसदों की एक कमेटी बनाकर इस मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा।

उन्होंने उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की 2022 में वापसी को लेकर पूरा भरोसा जाहिर करते हुए कहा कि उत्तराखंड में भाजपा की सरकार ही जनता का विकास करने के लिए बेहतर विकल्प के रूप में सामने हैं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के राजनीतिक संन्यास 2024 में लेने के मामले पर उन्होंने कहा कि हरीश रावत अपनी बातों को कहकर सिर्फ सनसनी बना करते हैं और इससे पहले के विधानसभा चुनाव में भी उनकी हार जनता ने ही तय की थी ऐसे में 2024 में उनका राजनीतिक संन्यास लेना कोई बड़ी बात नहीं।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के इस राजनीतिक और मीडिया को दिए गए बयान के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं कि आखिर 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 57 विधायक जीतकर सत्ता में प्रचंड बहुमत के साथ लौटी थी और विपक्ष को महज 13 विधायकों से ही संतोष कर के विपक्ष में बैठना पड़ा ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि अब उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार 57 से अधिक सीटें जीतकर क्या विपक्ष के गणित को बिगाड़ देगी बारहाल उत्तराखंड के 2022 विधानसभा चुनाव का समीकरण अभी भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है।

 

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